आज बॉलिवुड की जान है ये बिहारी

बिहार के छोटे से गाँव के रहने वाले पंकज त्रिपाठी आज बॉलीवुड के फिल्मों में अपनी एक अलग पहचान बना चुके है . फिल्मों में उनका किरदार लम्बा हो या छोटा,लेकिन हर फ़िल्म में वह अपनी एक्टिंग से अलग सा छाप छोड़ देते है . वह अपने किरदारों को इतनी दमदार तरीके से निभाते है कि लोगों को याद रह जाती है .
              पंकज त्रिपाठी बेलसंड गाँव के रहने वाले वाले है जो गोपालगंज के पास है . उनका गाँव उन गाँवों में से है जहां बिजली और सड़के तक नहीं है . वह दसवीं कक्षा तब कभी फ़िल्में भी नहीं देखी थी . पटना में जब स्नातक की पढ़ाई करते थे तब वहीं पहली बार संजय दत्त की फ़िल्म देखी और थियेटर करने लगे,वहीँ से उनकी एक्टिंग का सफर शुरू हुआ . लेकिन सबकुछ इतना आसान नहीं था . मुम्बई आने के बाद उन्होंने काफ़ी संघर्ष किया . बॉलीवुड में साइड एक्टर के लिए पहचान बनाना आसान नहीं होता लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर सबकुछ सम्भव कर दिखाया . पंकज त्रिपाठी के अनुसार अपने कमरे में दोपहर सोया था और तभी किसी ने कहा कि उठो श्रीदेवी फिल्म बना रही है और तुमको रोल करना है. 10 मिनट पहले जागा और रोल करके आ गया और उस किरदार की लोगों ने काफ़ी तारीफ़ की .
          आज पंकज त्रिपाठी काफ़ी हिट फिल्मों में अपनी मंझी हुई एक्टिंग के बल पर अपने किरदारों को जीवांत कर चुके है । उनके द्वारा निभाया गया अग्निपथ का सूर्या, गैंग्स ऑफ़ वासेपुर - 1 एवं गैंग्स ऑफ़ वासेपुर - 2 का सुल्तान कुरैशी,फुकरे का पंडित और निल बट्टे सन्नाटा के प्रिंसिपल श्रीवास्तव का रोल लोगों के बीच खूब लोकप्रिय रहा . इनसब के अलावा भी पंकज त्रिपाठी ने कई फिल्मों में महत्वपूर्व रोल किए हैं . जिसके बाद फिल्मों में उनकी मांग बढ़ रही है . फिल्मों के अलावा पंकज त्रिपाठी ने छोटे पर्दे के ज़ी टीवी पर आने वाला शो सरोजिनी में भी दुष्यंत नाम का निगेटिव किरदार निभाया था जिसने लोगों का खुब मनोरंजन किया था और यादगार बना.